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प्रेरक कथा : स्वामी विवेकानंदजीका उनके सद्गुरु श्रीरामकृष्ण परमहंसके प्रतिका भाव !

लाखों पेड़ लगा चुका है ये रेगिस्तान का ‘वृक्ष मित्र’

लाखों पेड़ लगा चुका है ये रेगिस्तान का ‘वृक्ष मित्र’ कहा जाता है कि जुनून जब हद को पार कर जाए तो वह पागलपन में बदल जाता है। राजस्थान के जयपुर में भी एक ऐसा ही दीवाना रहता है, जिसे पर्यावरण से कुछ इस तरह का प्यार है कि वह उसकी खातिर अपने आप की परवाह नहीं करता है। बचपन से ही पेड़ पौधे लगाने में रुचि रखने वाले विष्णु लांबा ने छोटी उम्र से ही पेड़ लगाना शुरू कर दिया था। खुद के साथ दूसरों से भी पेड़ लगवाने वाले विष्णु लांबा ने देश के कई दिग्गजों से भी पौधे लगवा लिए हैं जिसमें फिल्मी जगत से लेकर राजनीति जगत की हस्तियां शामिल हैं। लांबा ने बॉलीवुड अमिताभ बच्चन, सुभाष घई, गोविंदा समेत करीब 250 फिल्मी हस्तियों को अपनी मुहिम से जुड़ा है। साथ ही राजनीति जगत के कई दिग्गजों ने भी लांबा के साथ जुड़कर पर्यावरण सरंक्षण में अपना सहयोग दिया है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री समेत कई नेता शामिल हैं। लांबा अपने साथ कई लोगों को जोड़ने के लिए एक एनजीओ का संचालन भी कर रहे हैं। लांबा ने अपने एनजीओ कल्पतरु संस्थान के साथ करीब 8 लाख पेड़ बचाए हैं और 5 लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं ...

The Indian Army salute the brave soldiers #BraveSonsofIndia

All ranks of the Indian Army salute the brave soldiers for their supreme sacrifice for the Nation. PM Shri Narendra Modi expressed his heartfelt condolences to the grief stricken families. We pray to the almighty to give the families the courage and strength to bear this irreparable loss. #BraveSonsofIndia -Ramesh Aanjana Patel

परम पूज्य श्री श्री १००८ ब्रह्यलीन गुरूवर श्री देवाराम महाराज की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन।

परम पूज्य श्री श्री १००८ ब्रह्यलीन गुरूवर श्री देवाराम महाराज की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन। Paying tributes to Shri Shri 1008 Shri Devaramji Maharaj on death anniversary. श्री श्री १००८ संत शिरोमणी श्री देवरामजी महाराज श्री राजारामजी महाराज के समाधि के बाद आपके प्रधान शिष्य श्री देवरामजी महाराज को आपके उपदेशो का प्रचार व प्रसार करने के उद्देश्य से आपकी गद्दी पर बिठाया और महंत श्री की उपाधि से विभूषित किया गया ! महंत श्री देवरामजी ने अपने गुरुभाई श्री लच्छीरामजी ,श्री गणेशरामजी और श्री शंभुरामजी के साथ भ्रमण करते हुए श्री राजारामजी महाराज के उपदेशो को संसारियों तक पहुँचाने का प्रयत्न करने में अपना जीवन लगा दिया ! श्री गुरुदेव राजारामजी के शुरू किये हुए काम को पूरा करने में अपना जीवन लगाकर अथक प्रयत्न करते रहे ! जिसके लिए आंजना पटेल समाज सदा आपका ऋणी रहेगा !

मित्रो,कल विश्व पर्यावरण दिवस है। 05 जून 2015

मित्रो,कल विश्व पर्यावरण दिवस है। पर्यावरण के प्रति समाज में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, यदि हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे तो न तो हमें कभी डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा और न ही प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। राज्य सरकार इस मौके पर जागरूकता फैलाने हेतु रन फॉर एनवायरमेंट का आयोजन कर रही है जिसकी शुरुआत कल 5 जून प्रातः 6.15 बजे रामनिवास बाग़ जयपुर से होगी। आप सभी इस दौड़ में सम्मिलित होकर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने में अपना योगदान दें। -रमेश आँजणा पटेल

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 3

1. बिजूका – (अडवो, बिदकणा) – खेत में पशु- पक्षियों से फसल की रक्षा करने के लिए मानव जैसी बनाई गयी आकृति 2. उर्डो, ऊर्यो, ऊसरडो, छापर्यो - ऐसा खेत जिसमे घास और अनाज दोनों में से कुछ भी पैदा न होता हो 3. अडाव – जब लगातार काम में लेने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाने पर उसको खाली छोड़ दिया जाता है 4. अखड, पड़त, पडेत्या – जो खेत बिना जुता हुआ पड़ा रहता है 5. पाणत – फसल को पानी देने की प्रक्रिया 6. बावणी – खेत में बीज बोने को कहा जाता है 7. ढूँगरा, ढूँगरी – जब फसल पक जाने के बाद काट ली जाती उसको एक जगह ढेर कर दिया जाता है 8. बाँझड – अनुपजाऊ भूमि 9. गूणी – लाव की खींचने हेतु बैलो के चलने का ढालनुमा स्थान 10. चरणोत – पशुओं के चरने की भूमि 11. बीड – जिस भूमि का कोई उपयोग में नहीं लिया जाता है जिसमें सिर्फ घास उगती हो 12. सड़ो, हडो, बाड़ – पशुओं के खेतों में घुसने से रोकने के लिए खेत चारो तरफ बनाई गयी मेड 13. गोफन – पत्थर फेकने का चमड़े और डोरियों से बना यंत्र 14. तंगड-पट्टियाँ – ऊंट को हल जोतते समय कसने की साज 15. चावर, पाटा, पटेला, हमाडो, पटवास – जोते गए खेतों ...

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2 21. लाव – कुएँ में जाने तथा कुएँ से पानी को बाहर निकालने के लिए डोरी को लाव कहा जाता है 22. रेलनी – गर्मी या ताप को कम करने के लिए खेत में पानी फेरना 23. नीरनी – मोट और मूँग का चारा 24. नाँगला – नेडी और झेरने में डालने की रस्सी 25. सींकळौ – दही को मथने की मथनी के साथ लगा लोहे का कुंदा 26. लूण्यो – मक्खन. इसको “घीलडी” नामक उपकरण में रखा जाता है 27. ओबरी – अनाज व उपयोगी सामान को रखने के लिय बनाया गया मिट्टी का उपकरण (कोटला) 28. नातणौ- पानी, दूध, छाछ को छानने के काम आने वाला वस्त्र 29. थली – घर के दरवाजे का स्थान 30. नाडी – तलाई – पानी के बड़े गड्डो को तलाई आय नाडी कहा जाता है 31. मेर – खेत में हँके हुए भाग के चरों तरफ छोड़ी गयी भूमि 32. जैली – लकड़ी का सींगदार उपकरण 33. रहँट – सिंचाई के लिए कुओं से पानी निकालने का यंत्र 34. सूड – खेत जोतने से पहले खेत के झाड-झंखाड को साफ करना 35. लावणी – किसान द्वारा फसल को काटने के लिए प्रयुक्त किया गया शब्द 36. खाखला – गेंहू या जौ का चारा 37. दावणा – पशु को चरते समय छोड़ने के लिए पैरों ...

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली भाग-1

1. दावणा – पशु को चरते समय छोड़ने के लिए पैरों में बांधी जाने वाली रस्सी 2. हटडी – मिर्च मसाले रखने का यंत्र 3. कुटी – बाजरे की फसल का चारा 4. ओरणी – खेत में बीज को डालने के लिए हल के साथ लगाई जाती है इसको “नायलो” भी कहते है 5. पराणी, पुराणी – बैलो या भैसों को हाकने की लकड़ी 6. कुदाली, कुश – मिट्टी को खोदने का यंत्र 7. ढींकळी – कुएँ के ऊपर लगाया गया यंत्र जो लकड़ी का बना होता है. 8. चडस – यह लोहे के पिंजरे पर खाल को मडकर बनाया जाता है जो कुओं से पानी निकालने के काम आता है 9. चू, चऊ – हल के निचे लगा शंक्वाकार लोहे का यंत्र 10. पावड़ा – खुदाई के लिए बनाया गया उपकरण 11. तांती – जो व्यक्ति बीमार हो जाता है उसके सूत या मोली का धागा बाँधा जाता है यह देवता की जोत के ऊपर घुमाकर बांधा जाता है 12. बेवणी – चूल्हे के सामने राख (बानी) के लिए बनाया गया चौकोर स्थान 13. जावणी – दूध गर्म करने और दही जमाने की मटकी 14. बिलौवनी – दही को बिलौने के लिए मिट्टी का मटका 15. नेडी – छाछ बिलौने के लिए लगाया गया खूंटा या लकड़ी का स्तम्भ 16. झेरना – छाछ बिलोने के लिए लकड़ी का उपकरण इ...

भारत रत्न से पुरस्कृत महान विभूतियों की सूची

अब तक भारत रत्न से पुरस्कृत महान विभूतियों की सूची 1. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1954) 2. डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन (1954) 3. चक्त्रवर्ती राजगोपालाचारी (1954) 4. मोक्षगुन्दम विवेस्वरया (1955) 5. जवाहरलाल नेहरू (1955) 6. डॉ. भगवान दास (1955) 7. पं. गोविंद वल्लभ पंत (1957) 8. धोंडे केशव कर्वे (1958) 9. पुरुषोत्तम दास टंडन (1961) 10. डॉ. बिधान चन्द्र रॉय (1961) 11. डॉ. राजेंद्र प्रसाद (1962) 12. डॉ. जाकिर हुसैन (1963) 13. पांडुरंग वामन केन (1963) 14. लाल बहादुर शास्त्री (1966) 15. इंदिरा गांधी (1971) 16. वराहगिरी वेंकट गिरि (1975) 17. कुमारस्वामी कामराज (1976) 18. मदर टेरेसा (1980) 19. आचार्य विनोबा भावे (1983) 20. खान अब्दुल गफ्फार खान (1987) 21. सिल्विया मरुदुर रामचंद्रन (1988) 22. नेल्सन मंडेला (1990) 23. डॉ. भीमराव अंबेडकर (1990) 24. सरदार वल्लभभाई पटेल (1991) 25. राजीव गांधी (1991) 26. मोरारजी देसाई (1991) 27. सत्यजीत रे (1992) 28. मौलाना अबुल कलाम आजाद (1992) 29. जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा (1992) 30. गुलजारी लाल नंदा (1997) 31. अरुणा आसफ अली (1997) 32....