राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2
राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2
21. लाव – कुएँ में जाने तथा कुएँ से पानी को
बाहर निकालने के लिए डोरी को लाव कहा
जाता है
22. रेलनी – गर्मी या ताप को कम करने के
लिए खेत में पानी फेरना
23. नीरनी – मोट और मूँग का चारा
24. नाँगला – नेडी और झेरने में डालने की
रस्सी
25. सींकळौ – दही को मथने की मथनी के
साथ लगा लोहे का कुंदा
26. लूण्यो – मक्खन. इसको “घीलडी” नामक
उपकरण में रखा जाता है
27. ओबरी – अनाज व उपयोगी सामान को
रखने के लिय बनाया गया मिट्टी का उपकरण
(कोटला)
28. नातणौ- पानी, दूध, छाछ को छानने के
काम आने वाला वस्त्र
29. थली – घर के दरवाजे का स्थान
30. नाडी – तलाई – पानी के बड़े गड्डो को
तलाई आय नाडी कहा जाता है
31. मेर – खेत में हँके हुए भाग के चरों तरफ
छोड़ी गयी भूमि
32. जैली – लकड़ी का सींगदार उपकरण
33. रहँट – सिंचाई के लिए कुओं से पानी
निकालने का यंत्र
34. सूड – खेत जोतने से पहले खेत के झाड-झंखाड
को साफ करना
35. लावणी – किसान द्वारा फसल को
काटने के लिए प्रयुक्त किया गया शब्द
36. खाखला – गेंहू या जौ का चारा
37. दावणा – पशु को चरते समय छोड़ने के
लिए पैरों में बांधी जाने वाली रस्सी
38. हटडी – मिर्च मसाले रखने का यंत्र
39. कुटी – बाजरे की फसल का चारा
40. ओरणी – खेत में बीज को डालने के लिए हल
के साथ लगाई जाती है इसको “नायलो” भी
कहते है
21. लाव – कुएँ में जाने तथा कुएँ से पानी को
बाहर निकालने के लिए डोरी को लाव कहा
जाता है
22. रेलनी – गर्मी या ताप को कम करने के
लिए खेत में पानी फेरना
23. नीरनी – मोट और मूँग का चारा
24. नाँगला – नेडी और झेरने में डालने की
रस्सी
25. सींकळौ – दही को मथने की मथनी के
साथ लगा लोहे का कुंदा
26. लूण्यो – मक्खन. इसको “घीलडी” नामक
उपकरण में रखा जाता है
27. ओबरी – अनाज व उपयोगी सामान को
रखने के लिय बनाया गया मिट्टी का उपकरण
(कोटला)
28. नातणौ- पानी, दूध, छाछ को छानने के
काम आने वाला वस्त्र
29. थली – घर के दरवाजे का स्थान
30. नाडी – तलाई – पानी के बड़े गड्डो को
तलाई आय नाडी कहा जाता है
31. मेर – खेत में हँके हुए भाग के चरों तरफ
छोड़ी गयी भूमि
32. जैली – लकड़ी का सींगदार उपकरण
33. रहँट – सिंचाई के लिए कुओं से पानी
निकालने का यंत्र
34. सूड – खेत जोतने से पहले खेत के झाड-झंखाड
को साफ करना
35. लावणी – किसान द्वारा फसल को
काटने के लिए प्रयुक्त किया गया शब्द
36. खाखला – गेंहू या जौ का चारा
37. दावणा – पशु को चरते समय छोड़ने के
लिए पैरों में बांधी जाने वाली रस्सी
38. हटडी – मिर्च मसाले रखने का यंत्र
39. कुटी – बाजरे की फसल का चारा
40. ओरणी – खेत में बीज को डालने के लिए हल
के साथ लगाई जाती है इसको “नायलो” भी
कहते है
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