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मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ज्योतिर्मय प्रज्ञा-पुरुष थे।

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विश्व जनसंख्या दिवस-11 जुलाई 2015

11 जुलाई, 1987 में ही विश्व की जनसंख्या 5 अरब हुई थी, तब से इस विशेष दिन को विश्व जनसंख्या दिवस घोषित कर हर साल एक याद और परिवार नियोजन का संकल्प लेने के दिन के रुप में याद किया जाने लगा। पर आज पृथ्वी की कुल आबादी इस समय 7 अरब से भी ज्यादा है। विश्व जनसंख्या दिवस है। हर राष्ट्र में इस दिन का विशेष महत्व है क्यूंकि आज दुनियां के हर विकासशील और विकसित दोनों तरह के देश जनसंख्या विस्फोट से चिंतित हैं। विकासशील देश अपनी आबादी और जनसंख्या के बीच तालमेल बैठाने में मथ्थापच्ची कर रहे हैं तो विकसित देश पलायन और रोजगार की चाह में बाहर से आकर रहने वाले शरणार्थियों की वजह से परेशान हैं। जागरुकता के नाम पर भारत में कई कार्यक्रम चलाए गए, ‘हम दो हमारे दो का नारा’ लगाया गया। आइए संकल्प लें कि हम अपने और आसपास के लोगों में यह जागरुकता फैलाएंगे कि वह भी छोटा परिवार चुनें और देश के विकास में भागीदार बनें। सरकार तो जागरुकता फैलाने की कोशिश कर ही रही है पर उससे ज्यादा आपकी बात आपके आसपास के लोगों में जागरुकता फैलाएगी।

जब गुरु ने विवेकानंद से कहा - तू तो क्या तेरी हड्डियों से भी विश्व कल्याण होगा

जब गुरु ने विवेकानंद से कहा - तू तो क्या तेरी हड्डियों से भी विश्व कल्याण होगा 4 जुलाई 2015 को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि है। बालक नरेंद्र बचपन से ही मेधावी, स्वतंत्र विचारों के धनी व्यक्ति थे। पढ़ने में बहुत होशियार थे। कम प्रयास में ही विद्यालय में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होते थे और अपने शिक्षकों के प्रिय पात्र थे। उस समय दक्षिणेश्वर में श्रीरामकृष्ण परमहंस एक प्रख्यात ईश्वरप्राप्त व्यक्ति थे। वे मां काली के उपासक थे। दक्षिणेश्वर में रहकर काली की पूजा अर्चना करते हुए उन्होंने चार वर्ष के अंदर ही मां काली का साक्षात्कार किया। उस समय उनका कोई गुरु नहीं था। केवल अंतःकरण की विकलता से ही उन्हें काली का साक्षात्कार हुआ था। इसके बाद उन्होंने राममार्गी साधुओं से राममंत्र की दीक्षा ली और रामनाम की साधना में व्यस्त हुए। हनुमानजी के रूप में अपने को मानते हुए भगवान राम से साक्षात्कार हुआ। उन्होंने राधा भाव से साधना करते हुए कृष्ण से साक्षात्कार किया। इस्लाम और ईसाईयत के सत्य को भी उन्होंने अनुभूत किया। ऐसे व्यक्ति को विवेकानंद का गुरु होने का सौभाग्य मिला।...

लोकतंत्र का काला दिवस 25 जून

आपातकाल आधुनिक भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है। आपातकाल थोपे जाने के 40 साल पूरे होने पर उसका स्मरण किया जाना आवश्यक है। इतिहास की भूलों का स्मरण भविष्य की गलतियों के लिए गुंजाइश को कम करता है। आपातकाल पर तमाम चर्चा के बावजूद यह विचित्र है कि 40 साल बाद भी कांग्रेस इसकी जरूरत नहीं महसूस कर रही है कि उसे इंदिरा गांधी की इस भयंकर गलती के लिए देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। इससे भी विचित्र यह है कि इंदिरा गांधी के करीबी माने जाने वाले कुछ नेता यह स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि आपातकाल के लिए इंदिरा नहीं, बल्कि उनके सलाहकार जिम्मेदार थे। यह जानबूझकर तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने की शरारत भरी कोशिश है। आपातकाल थोपे जाते समय प्रधानमंत्री पद पर इंदिरा गांधी ही आसीन थीं, न कि उनके सलाहकार। इसी तरह सभी इससे भी परिचित हैं कि आपातकाल इसलिए लागू किया गया, क्योंकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध ठहरा दिया था और सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिल सकी थी। यह कहना सच्चाई से मुंह मोड़ना है कि इंदिरा गांधी अपने सहयोगियों के बहकावे मे...

प्रेरक कथा : स्वामी विवेकानंदजीका उनके सद्गुरु श्रीरामकृष्ण परमहंसके प्रतिका भाव !

लाखों पेड़ लगा चुका है ये रेगिस्तान का ‘वृक्ष मित्र’

लाखों पेड़ लगा चुका है ये रेगिस्तान का ‘वृक्ष मित्र’ कहा जाता है कि जुनून जब हद को पार कर जाए तो वह पागलपन में बदल जाता है। राजस्थान के जयपुर में भी एक ऐसा ही दीवाना रहता है, जिसे पर्यावरण से कुछ इस तरह का प्यार है कि वह उसकी खातिर अपने आप की परवाह नहीं करता है। बचपन से ही पेड़ पौधे लगाने में रुचि रखने वाले विष्णु लांबा ने छोटी उम्र से ही पेड़ लगाना शुरू कर दिया था। खुद के साथ दूसरों से भी पेड़ लगवाने वाले विष्णु लांबा ने देश के कई दिग्गजों से भी पौधे लगवा लिए हैं जिसमें फिल्मी जगत से लेकर राजनीति जगत की हस्तियां शामिल हैं। लांबा ने बॉलीवुड अमिताभ बच्चन, सुभाष घई, गोविंदा समेत करीब 250 फिल्मी हस्तियों को अपनी मुहिम से जुड़ा है। साथ ही राजनीति जगत के कई दिग्गजों ने भी लांबा के साथ जुड़कर पर्यावरण सरंक्षण में अपना सहयोग दिया है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री समेत कई नेता शामिल हैं। लांबा अपने साथ कई लोगों को जोड़ने के लिए एक एनजीओ का संचालन भी कर रहे हैं। लांबा ने अपने एनजीओ कल्पतरु संस्थान के साथ करीब 8 लाख पेड़ बचाए हैं और 5 लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं ...

The Indian Army salute the brave soldiers #BraveSonsofIndia

All ranks of the Indian Army salute the brave soldiers for their supreme sacrifice for the Nation. PM Shri Narendra Modi expressed his heartfelt condolences to the grief stricken families. We pray to the almighty to give the families the courage and strength to bear this irreparable loss. #BraveSonsofIndia -Ramesh Aanjana Patel

परम पूज्य श्री श्री १००८ ब्रह्यलीन गुरूवर श्री देवाराम महाराज की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन।

परम पूज्य श्री श्री १००८ ब्रह्यलीन गुरूवर श्री देवाराम महाराज की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन। Paying tributes to Shri Shri 1008 Shri Devaramji Maharaj on death anniversary. श्री श्री १००८ संत शिरोमणी श्री देवरामजी महाराज श्री राजारामजी महाराज के समाधि के बाद आपके प्रधान शिष्य श्री देवरामजी महाराज को आपके उपदेशो का प्रचार व प्रसार करने के उद्देश्य से आपकी गद्दी पर बिठाया और महंत श्री की उपाधि से विभूषित किया गया ! महंत श्री देवरामजी ने अपने गुरुभाई श्री लच्छीरामजी ,श्री गणेशरामजी और श्री शंभुरामजी के साथ भ्रमण करते हुए श्री राजारामजी महाराज के उपदेशो को संसारियों तक पहुँचाने का प्रयत्न करने में अपना जीवन लगा दिया ! श्री गुरुदेव राजारामजी के शुरू किये हुए काम को पूरा करने में अपना जीवन लगाकर अथक प्रयत्न करते रहे ! जिसके लिए आंजना पटेल समाज सदा आपका ऋणी रहेगा !

मित्रो,कल विश्व पर्यावरण दिवस है। 05 जून 2015

मित्रो,कल विश्व पर्यावरण दिवस है। पर्यावरण के प्रति समाज में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, यदि हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे तो न तो हमें कभी डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा और न ही प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। राज्य सरकार इस मौके पर जागरूकता फैलाने हेतु रन फॉर एनवायरमेंट का आयोजन कर रही है जिसकी शुरुआत कल 5 जून प्रातः 6.15 बजे रामनिवास बाग़ जयपुर से होगी। आप सभी इस दौड़ में सम्मिलित होकर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने में अपना योगदान दें। -रमेश आँजणा पटेल

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 3

1. बिजूका – (अडवो, बिदकणा) – खेत में पशु- पक्षियों से फसल की रक्षा करने के लिए मानव जैसी बनाई गयी आकृति 2. उर्डो, ऊर्यो, ऊसरडो, छापर्यो - ऐसा खेत जिसमे घास और अनाज दोनों में से कुछ भी पैदा न होता हो 3. अडाव – जब लगातार काम में लेने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाने पर उसको खाली छोड़ दिया जाता है 4. अखड, पड़त, पडेत्या – जो खेत बिना जुता हुआ पड़ा रहता है 5. पाणत – फसल को पानी देने की प्रक्रिया 6. बावणी – खेत में बीज बोने को कहा जाता है 7. ढूँगरा, ढूँगरी – जब फसल पक जाने के बाद काट ली जाती उसको एक जगह ढेर कर दिया जाता है 8. बाँझड – अनुपजाऊ भूमि 9. गूणी – लाव की खींचने हेतु बैलो के चलने का ढालनुमा स्थान 10. चरणोत – पशुओं के चरने की भूमि 11. बीड – जिस भूमि का कोई उपयोग में नहीं लिया जाता है जिसमें सिर्फ घास उगती हो 12. सड़ो, हडो, बाड़ – पशुओं के खेतों में घुसने से रोकने के लिए खेत चारो तरफ बनाई गयी मेड 13. गोफन – पत्थर फेकने का चमड़े और डोरियों से बना यंत्र 14. तंगड-पट्टियाँ – ऊंट को हल जोतते समय कसने की साज 15. चावर, पाटा, पटेला, हमाडो, पटवास – जोते गए खेतों ...

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2 21. लाव – कुएँ में जाने तथा कुएँ से पानी को बाहर निकालने के लिए डोरी को लाव कहा जाता है 22. रेलनी – गर्मी या ताप को कम करने के लिए खेत में पानी फेरना 23. नीरनी – मोट और मूँग का चारा 24. नाँगला – नेडी और झेरने में डालने की रस्सी 25. सींकळौ – दही को मथने की मथनी के साथ लगा लोहे का कुंदा 26. लूण्यो – मक्खन. इसको “घीलडी” नामक उपकरण में रखा जाता है 27. ओबरी – अनाज व उपयोगी सामान को रखने के लिय बनाया गया मिट्टी का उपकरण (कोटला) 28. नातणौ- पानी, दूध, छाछ को छानने के काम आने वाला वस्त्र 29. थली – घर के दरवाजे का स्थान 30. नाडी – तलाई – पानी के बड़े गड्डो को तलाई आय नाडी कहा जाता है 31. मेर – खेत में हँके हुए भाग के चरों तरफ छोड़ी गयी भूमि 32. जैली – लकड़ी का सींगदार उपकरण 33. रहँट – सिंचाई के लिए कुओं से पानी निकालने का यंत्र 34. सूड – खेत जोतने से पहले खेत के झाड-झंखाड को साफ करना 35. लावणी – किसान द्वारा फसल को काटने के लिए प्रयुक्त किया गया शब्द 36. खाखला – गेंहू या जौ का चारा 37. दावणा – पशु को चरते समय छोड़ने के लिए पैरों ...

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली Part - 2

राजस्थान लोकजीवन शब्दावली भाग-1

1. दावणा – पशु को चरते समय छोड़ने के लिए पैरों में बांधी जाने वाली रस्सी 2. हटडी – मिर्च मसाले रखने का यंत्र 3. कुटी – बाजरे की फसल का चारा 4. ओरणी – खेत में बीज को डालने के लिए हल के साथ लगाई जाती है इसको “नायलो” भी कहते है 5. पराणी, पुराणी – बैलो या भैसों को हाकने की लकड़ी 6. कुदाली, कुश – मिट्टी को खोदने का यंत्र 7. ढींकळी – कुएँ के ऊपर लगाया गया यंत्र जो लकड़ी का बना होता है. 8. चडस – यह लोहे के पिंजरे पर खाल को मडकर बनाया जाता है जो कुओं से पानी निकालने के काम आता है 9. चू, चऊ – हल के निचे लगा शंक्वाकार लोहे का यंत्र 10. पावड़ा – खुदाई के लिए बनाया गया उपकरण 11. तांती – जो व्यक्ति बीमार हो जाता है उसके सूत या मोली का धागा बाँधा जाता है यह देवता की जोत के ऊपर घुमाकर बांधा जाता है 12. बेवणी – चूल्हे के सामने राख (बानी) के लिए बनाया गया चौकोर स्थान 13. जावणी – दूध गर्म करने और दही जमाने की मटकी 14. बिलौवनी – दही को बिलौने के लिए मिट्टी का मटका 15. नेडी – छाछ बिलौने के लिए लगाया गया खूंटा या लकड़ी का स्तम्भ 16. झेरना – छाछ बिलोने के लिए लकड़ी का उपकरण इ...

भारत रत्न से पुरस्कृत महान विभूतियों की सूची

अब तक भारत रत्न से पुरस्कृत महान विभूतियों की सूची 1. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1954) 2. डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन (1954) 3. चक्त्रवर्ती राजगोपालाचारी (1954) 4. मोक्षगुन्दम विवेस्वरया (1955) 5. जवाहरलाल नेहरू (1955) 6. डॉ. भगवान दास (1955) 7. पं. गोविंद वल्लभ पंत (1957) 8. धोंडे केशव कर्वे (1958) 9. पुरुषोत्तम दास टंडन (1961) 10. डॉ. बिधान चन्द्र रॉय (1961) 11. डॉ. राजेंद्र प्रसाद (1962) 12. डॉ. जाकिर हुसैन (1963) 13. पांडुरंग वामन केन (1963) 14. लाल बहादुर शास्त्री (1966) 15. इंदिरा गांधी (1971) 16. वराहगिरी वेंकट गिरि (1975) 17. कुमारस्वामी कामराज (1976) 18. मदर टेरेसा (1980) 19. आचार्य विनोबा भावे (1983) 20. खान अब्दुल गफ्फार खान (1987) 21. सिल्विया मरुदुर रामचंद्रन (1988) 22. नेल्सन मंडेला (1990) 23. डॉ. भीमराव अंबेडकर (1990) 24. सरदार वल्लभभाई पटेल (1991) 25. राजीव गांधी (1991) 26. मोरारजी देसाई (1991) 27. सत्यजीत रे (1992) 28. मौलाना अबुल कलाम आजाद (1992) 29. जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा (1992) 30. गुलजारी लाल नंदा (1997) 31. अरुणा आसफ अली (1997) 32....

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस: 31 मई

आज विश्व तम्बाकू निषेध दिवस है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सन 1987 में 31 मई को प्रतिवर्ष पूरे विश्व में इस दिन के रूप में मान्यता दी थी। राजस्थान सरकार ने भी आदेश जारी कर हर महीने के अंतिम दिन को पूरे प्रदेश में तम्बाकू और उससे बने हुए उत्पादों को निषेध करने का प्रावधान किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार हर वर्ष विश्व में 60 लाख लोग तम्बाकू सेवन या इससे जुडी हुई बीमारियों की वजह से मृत्यु को प्राप्त होते हैं। आइये आज पुनः एक नई शुरुआत कर तम्बाकू को पूर्ण रूप से त्यागने का संकल्प लें। यह आपकी और आपके परिवार की भलाई के लिए ही है। सरकार का सहयोग करें, तम्बाकू और उससे बने उत्पादों का त्याग करें और एक स्वस्थ जीवन जियें। -रमेश आँजणा पटेल

पंचगव्य क्या है ?

पंचगव्यः गाय के गोबर, गोमूत्र, दूध, दही/छाछ और घी सामूहिक रूप से पंचगव्य कहा जाता है। आयुर्वेद में इसे औषधि की मान्यता है। हिन्दुओं के कोई भी मांगलिक कार्य इनके बिना पूरे नहीं होते। पंचगव्य का चिकित्सकीय महत्व पंचगव्य का निर्माण गाय के गोबर, गोमूत्र, दूध, दही/छाछ और घी के द्वारा किया जाता है। पंचगव्य द्वारा शरीर के रोगनिरोधक क्षमता को बढाकर रोगों को दूर किया जाता है। गोमूत्र में प्रति ऑक्सीकरण की क्षमता के कारण डीएनए को नष्ट होने से बचाया जा सकता है। गाय के गोबर का चर्म रोगों में उपचारीय महत्व सर्वविदित है। दही एवं घी के पोषण मान की उच्चता से सभी परिचित हैं। दूध का प्रयोग विभिन्न प्रकार से भारतीय संस्कृति में पुरातन काल से होता आ रहा है। घी का प्रयोग शरीर की क्षमता को बढ़ाने एवं मानसिक विकास के लिए किया जाता है। दही में सुपाच्य प्रोटीन एवं लाभकारी जीवाणु होते हैं जो क्षुधा को बढ़ाने में सहायता करते हैं। पंचगव्य का निर्माण देसी मुक्त वन विचरण करने वाली गायों से प्राप्त उत्पादों द्वारा ही करना चाहिए। पंचगव्य निर्माण सूर्य नाड़ी वाली गायें ही पंचगव्...

हम सब निर्णय करें-गाय बचाओ पर्यावरण बचाओ

आओ हम सब मिलकर निर्णय लेँ गाय को बचाएगेँ सभी संत पुजारी अपने आश्रम मन्दिर में गौमाता अवश्य रखें। -बिना गौमाता के घी, गोबर, गौमूत्र, गौदुग्ध के बिना कोई भी पूजा पाठ हवन नहीं करवाएगें। -भगवान को भोग गौमाता के दूध में बनी मिठाई का ही लगाएगें। -दीपक सिर्फ गौमाता के घी के ही जलायेंगे। -बिना गौदान के विवाह सम्पन्न नहीं करवायेंगे। -घर में गौमाता के दूध, घी, छाछ का ही उपयोग करेगें कोल्डिंक्स के स्थान पर छाछ पीयेंगें। -चाय के स्थान पर गौमाता का दूध ही पियेगें क्योंकि चाय गौहत्या को बढावा देती है। -अपनी नजदीकी गौशाला का घास और दलीये से सहयोग करेंगे। -अपने पूजा स्थल और प्रतिष्ठान में दान पेटी रखकर हर रोज गौरक्षा हेतु 1 रूपया डालेंगे। -प्लास्टिक की थेलियों का उपयोग नहीं करेगें, अगर प्लास्टिक दिखे तो जला या दफना कर नष्ट कर देंगे। -गौरक्षा विषय को कभी भी राजनीति व साम्प्रदायिक विषय नही बनाएंगे क्योकि यह राष्ट्रीय विषय है- गौरक्षा-राष्ट्र रक्षा, गौहत्या-राष्ट्र हत्या है -जन्मोत्सव गौशाला में जाकर ही मनाएगें।

31 वर्षीय गौ माता एवं पर्यावरण संरक्षण चेतना पदयात्रा

31 वर्षीय गो पर्यावरण चेतना पदयात्रा प्रिय देशवासियों वर्तमान समय में गोवंश एवं पर्यावरण की दुर्दशा से हम सभी भलीभांति परिचित है । हमारे देश में प्रतिदिन लगभग 82000 गोमाताओ की हत्या हो रही है। प्रतिवर्ष लाखो गोवंश सड़कों पर प्लास्टिक खाकर काल की गाल में समा रहा है । चारो और पेड़ो की अन्धाधुंध कटाई हो रही है । जब कि गो हमारे जीवन का आधार है, सनातन धर्म का प्राण है। लेकिन भारत जैसे धर्मपरायण देश में भोगवादी संस्कृति का प्रभाव बढ़ने से हम गोवंश को भूलते जा रहे है । दूसरी ओर पेड़ जिनके बगैर जीवन की कल्पना करना बेकार है। क्षणिक लाभ के चलते हम इनके विनाश का कारण बन रहे है । यह चिंता का विषय है । एक ओर जहां सारी दुनिया पद, प्रतिष्ठा, आश्रम, भवन, धन- सम्पति, नाम और वैभवपूर्ण जीवन के पीछे भाग रही है वहीं एक युवा क्रांतिकारी संत इन सब का त्याग कर भारत भूमि पर हो रही अनन्त गो हत्याओं को रोकने, हर घर में गाय माताजी को स्थापित करने व हर घर के बाहर वृक्ष लगाने के उद्देश्य से 29 नवम्बर 2012 से 3 दिसम्बर 2012 तक 1008 कुण्डीय गो-भैरव महायज्ञ का आयोजन कर दिनांक 4 दि...

गाय बचाओ, संस्कृति बचाओ

आदि काल से भारत वर्ष में गाय को माता के समान माना जाता है। गाय को मां समझ कर उसकी सेवा की जाती है। गाय वास्तव में सारे जगत की माता है। ‘मातरः सर्व भूतानाम गावः सर्व फल प्रदाम’ वह धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के साथ-साथ और भी कोई फल है तो भी प्रदान करती है। गौ-माता पृथ्वी, प्रकृति और परमात्मा का प्रगट स्वरूप है। स्वयं भगवान विष्णु ने मनुष्य अवतार धारण कर गौ सेवा की एवं गोपाल कृष्ण कहलाए, रामावतार में गौ-माता का रूप पृथ्वी ने धारण किया, भगवान राम के पूर्वज महाराजा दिलीप ने नन्दनी गौ की सेवा कि इसी से रघुवंश चला, भगवान शिव का वाहन नन्दी है। आदि तीर्थंकर ऋशभ देव का चिन्ह बैल है, गौ-माता में 33 कोटी देवताओं का वास है। गौ-माता की सेवा ही सच्ची राम-कृष्ण की सेवा है। जिस घर में गौ-माता रहती है उस परिवार को मन्दिर या तीर्थ जाने की आवश्यकता नहीं, क्योंकि प्रभु स्वयं 24 घण्टे में एक बार अवश्य उस घर में जाते है इसलिए वह घर स्वयं मन्दिर हो जाता है। गोबर में लक्ष्मी व गौमूत्र में गंगा का वास होता है, भगवान बुद्ध को बुद्धतत्व की प्राप्ति सुजाता द्वारा प्रदत गौ दूध की खीर ...

श्री मनोहर पर्रिकर जी, केन्द्रीय रक्षा मंत्री

दोस्तों, देश को हमेशा से एक ऐसे ही रक्षामंत्री की जरुरत थी जो इस भाषा में बात कर सके। केन्द्रीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर जी ने कहा है कि "बुनियादी तौर पर अगर मुझे अपने देश की हिफाजत करनी है तो मैं किसी भी हद तक जाऊंगा , जो भी करना होगा, किया जाएगा। यही बुनियादी उसूल है जो हर किसी का होना चाहिए"। अगर कोई मेरे देश को नुकसान पहुंचाता है तो मुझे अग्र-सक्रिय कार्रवाई करनी होगी। सेना का बुनियादी उद्देश्य यही है कि अगर कोई देश पर हमला करे तो, उसपर जवाबी हमला करो। उसे उसी की भाषा में जवाब दो। रक्षा मंत्री जी यह भी ने रेखांकित किया कि कोई 13 लाख कर्मियों की मजबूत सेना "शांति का प्रवचन " देने के लिए नहीं रखता। मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसी पार्टी का सदस्य हूँ, जहाँ ऐसे देशभक्त नेता हैं। आप के इस बयान पर जो भी विचार हैं, उन्हें जरुर रखें। - रमेश आँजणा पटेल Friends, the country always needed a Defence Minister who could give answers to the terrorists and motivate our troops in this way. Manohar Parikkar's words- that he will go to any extent to prote...

आँजना कलबी पटेल चौधरी समाज Aanjana Patel Kalbi Choudhary Samaj Mobile App: निर्जला एकादशी: 24 एकादशियों का फल एक साथ

आँजना कलबी पटेल चौधरी समाज Aanjana Patel Kalbi Choudhary Samaj Mobile App: निर्जला एकादशी: 24 एकादशियों का फल एक साथ

दोस्तों ! मुझसे WhatsApp द्वारा जुड़ने के लिए

दोस्तों ! मुझसे WhatsApp द्वारा जुड़ने के लिए मेरा नंबर 9024368816 को 'RAP' के नाम से सेव करें और अपना 'नाम और नंबर' WhatsApp करें। मुझे आप से जुड़ कर बहुत ख़ुशी होगी। धन्यवाद। Guys! By WhatsApp Join Me on My number 9024368816 'RAP' Save the your 'Name and Number' WhatsApp to. I would love to connect with You.Thank you. 

नया चेण्डा युथ आर्गेनाइजेशन जय हिन्द , जय युवा 

दुनिया का सबसे आसान काम है किसी की आलोचना करना , किसी के काम में कमियाँ निकलना ,नया चेण्डा युथ आर्गेनाइजेशन के द्वारा किया जा रहे सोशल कार्यों के दौरान हमें भी आजकल ऐसी परिस्थितिओं से सामना होता है, कुछ लोगो को लगता है हम यह कार्य मीडिया में आने के लिए करते है हम उन सभी लोगों को यह बता देना चाहते है कि न तो हमें मीडिया में आने का शोक है ना ही मीडिया वाले इतने बेवकूफ है कि बिना कुछ किये लोगो को छापते रहे, एक बात और, पहले आप आगे आओ, काम करो ताकि हम उसका अनुसरण कर सकें। जय हिन्द , जय युवा आपका, रमेश आँजणा पटेल अध्यक्ष, नया चेण्डा युथ आर्गेनाइजेशन +91-9024368816