1. बिजूका – (अडवो, बिदकणा) – खेत में पशु- पक्षियों से फसल की रक्षा करने के लिए मानव जैसी बनाई गयी आकृति 2. उर्डो, ऊर्यो, ऊसरडो, छापर्यो - ऐसा खेत जिसमे घास और अनाज दोनों में से कुछ भी पैदा न होता हो 3. अडाव – जब लगातार काम में लेने से भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाने पर उसको खाली छोड़ दिया जाता है 4. अखड, पड़त, पडेत्या – जो खेत बिना जुता हुआ पड़ा रहता है 5. पाणत – फसल को पानी देने की प्रक्रिया 6. बावणी – खेत में बीज बोने को कहा जाता है 7. ढूँगरा, ढूँगरी – जब फसल पक जाने के बाद काट ली जाती उसको एक जगह ढेर कर दिया जाता है 8. बाँझड – अनुपजाऊ भूमि 9. गूणी – लाव की खींचने हेतु बैलो के चलने का ढालनुमा स्थान 10. चरणोत – पशुओं के चरने की भूमि 11. बीड – जिस भूमि का कोई उपयोग में नहीं लिया जाता है जिसमें सिर्फ घास उगती हो 12. सड़ो, हडो, बाड़ – पशुओं के खेतों में घुसने से रोकने के लिए खेत चारो तरफ बनाई गयी मेड 13. गोफन – पत्थर फेकने का चमड़े और डोरियों से बना यंत्र 14. तंगड-पट्टियाँ – ऊंट को हल जोतते समय कसने की साज 15. चावर, पाटा, पटेला, हमाडो, पटवास – जोते गए खेतों ...