राजस्थान लोकजीवन शब्दावली भाग-1
1. दावणा – पशु को चरते समय छोड़ने के लिए
पैरों में बांधी जाने वाली रस्सी
2. हटडी – मिर्च मसाले रखने का यंत्र
3. कुटी – बाजरे की फसल का चारा
4. ओरणी – खेत में बीज को डालने के लिए हल
के साथ लगाई जाती है इसको “नायलो” भी
कहते है
5. पराणी, पुराणी – बैलो या भैसों को हाकने
की लकड़ी
6. कुदाली, कुश – मिट्टी को खोदने का यंत्र
7. ढींकळी – कुएँ के ऊपर लगाया गया यंत्र जो
लकड़ी का बना होता है.
8. चडस – यह लोहे के पिंजरे पर खाल को
मडकर बनाया जाता है जो कुओं से पानी
निकालने के काम आता है
9. चू, चऊ – हल के निचे लगा शंक्वाकार लोहे
का यंत्र
10. पावड़ा – खुदाई के लिए बनाया गया
उपकरण
11. तांती – जो व्यक्ति बीमार हो जाता है
उसके सूत या मोली का धागा बाँधा जाता है
यह देवता की जोत के ऊपर घुमाकर बांधा
जाता है
12. बेवणी – चूल्हे के सामने राख (बानी) के
लिए बनाया गया चौकोर स्थान
13. जावणी – दूध गर्म करने और दही जमाने
की मटकी
14. बिलौवनी – दही को बिलौने के लिए
मिट्टी का मटका
15. नेडी – छाछ बिलौने के लिए लगाया गया
खूंटा या लकड़ी का स्तम्भ
16. झेरना – छाछ बिलोने के लिए लकड़ी का
उपकरण इसको “रई” भी कहते है
17. नेतरा, नेता – झरने को घुमाने की रस्सी
18. छाजलो – अनाज को साफ करने का
उपकरण
19. बांदरवाल – मांगलिक कार्यों पे घर के
दरवाजे पर पत्तों से बनी लम्बी झालर
20. छाणों- सुखा हुआ गोबर जो जलाने के काम
आता है
पैरों में बांधी जाने वाली रस्सी
2. हटडी – मिर्च मसाले रखने का यंत्र
3. कुटी – बाजरे की फसल का चारा
4. ओरणी – खेत में बीज को डालने के लिए हल
के साथ लगाई जाती है इसको “नायलो” भी
कहते है
5. पराणी, पुराणी – बैलो या भैसों को हाकने
की लकड़ी
6. कुदाली, कुश – मिट्टी को खोदने का यंत्र
7. ढींकळी – कुएँ के ऊपर लगाया गया यंत्र जो
लकड़ी का बना होता है.
8. चडस – यह लोहे के पिंजरे पर खाल को
मडकर बनाया जाता है जो कुओं से पानी
निकालने के काम आता है
9. चू, चऊ – हल के निचे लगा शंक्वाकार लोहे
का यंत्र
10. पावड़ा – खुदाई के लिए बनाया गया
उपकरण
11. तांती – जो व्यक्ति बीमार हो जाता है
उसके सूत या मोली का धागा बाँधा जाता है
यह देवता की जोत के ऊपर घुमाकर बांधा
जाता है
12. बेवणी – चूल्हे के सामने राख (बानी) के
लिए बनाया गया चौकोर स्थान
13. जावणी – दूध गर्म करने और दही जमाने
की मटकी
14. बिलौवनी – दही को बिलौने के लिए
मिट्टी का मटका
15. नेडी – छाछ बिलौने के लिए लगाया गया
खूंटा या लकड़ी का स्तम्भ
16. झेरना – छाछ बिलोने के लिए लकड़ी का
उपकरण इसको “रई” भी कहते है
17. नेतरा, नेता – झरने को घुमाने की रस्सी
18. छाजलो – अनाज को साफ करने का
उपकरण
19. बांदरवाल – मांगलिक कार्यों पे घर के
दरवाजे पर पत्तों से बनी लम्बी झालर
20. छाणों- सुखा हुआ गोबर जो जलाने के काम
आता है
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